Open/Close Menu Dr. Haldhar Patel | Anmol Health Care

यह समस्या मानव शरीर की सबसे लंबी नस सियाटिक से जुड़ी है। इसे सियाटिक नर्व भी कहा जाता है। सायटिका पीठ में दर्द की एक ऐसी स्थिति को कहते हैं। जो सियाटिक नर्व के दब जाने से पैदा होती है।

यह नर्व पीठ के निचले हिस्से से शुरू होकर पैरों के अंगूठे तक पहुचती है। यह नश हमारी मांस पेशियों को शक्ति देने का काम करती है और इसी की वजह से हमे संवेदना महसुस होती है।

अगर किसी वजह से यह नर्व दब जाती है तो यह आस पास की दूसरी नसों को भी दबाने लगती है। इसी वजह से व्यक्ति को कमर , पीठ , हिप्स और पैरों में लगातार दर्द की समस्या होती है। जिसे सायटिका कहा जाता है। इसके अलावा अगर स्पाइनल कॉर्ड का निचला हिस्सा संकरा हो तो भी ऐसी समस्या हो सकती है।

अगर रीढ़ की हड्डियों के जोड़ो के बीच मौजूद कुशन का जेलनुमा पदार्थ सूखने लगे तो हड्डियां एक दूसरे पर ज्यादा दबाव डालने लगती है। इस वजह से भी ऐसी समस्या हो सकती है।


कैसे करे पहचान :-


1 कमर , पीठ या पैरो में तेज दर्द।

2  दर्द के साथ जलन और चुभन 

3  कमजोरी महसूस होना।

4  पैरो का सुन्न पड़ जाना , कदम उठाते वक्त पैरो या एड़ियो में दर्द।

5  खड़े होने या बैठने पर दर्द का बढ़ जाना।

6  पीठ के निचले हिस्से से शुरू होकर दर्द का पैरों के अंगूठे तक पहुँच जाना।


क्या है वजह :-


1   भारी वजन उठाने या किसी वजह से झटका लगने पर रीढ़ की  हड्डी का कोई खास हिस्सा अपनी जगह से खिसक जाता है। जिसे स्लिप डिस्क कहा जाता है।यह सायटिका का सबसे बड़ा कारण है।

2  हमेशा हाई हील पहनने वाली स्त्रियों को यह समस्या हो सकती है।

3  ओवर वेट् लोगो को भी यह समस्या हो जाती है।

4  डिलीवरी के बाद कुछ स्त्रियों को यह समस्या हो जाती है क्योंकि प्रेग्नेंसी के दौरान सियाटिक नर्व पेल्विक एरिया पर दबाव डालता है।

5   नियमित रूप से एक्सरसाइज न करना , गलत ढंग से किया गया व्यायाम और सोने के लिए बहुत ज्यादा मुलायम गद्दे का उपयोग भी इसका कारण हो सकता है।


बचाव के तरीके :-


1  सन्तुलित खान पान और नियमित एक्सरसाइज से अपना वजन नियंत्रित रखें।

2   कोई भी भारी सामान उठाते समय ध्यान रखे कि कमर पर ज्यादा जोर न पड़े।

3   बैठते समय हमेशा अपनी पीठ सीधी रखें।

4   उठते बैठते समय ध्यान रखे कि आपकी कमर को झटका न लगे ।

5   प्रेग्नेंसी के दौरान और डिलिवरी के बाद डॉक्टर के सभी निर्देशों  का अच्छी तरह पालन करें।

6  कुशल प्रशिक्षक की सलाह और निगरानी के बिना कोई भी एक्सरसाइज न करें।


उपचार :- हर्बल मेडिसिन इलेक्ट्रोहोम्योपैथी और थेरेपी की सहायता से सायटिका को ठीक किया जा सकता है।

जटिल एव आसाध्य रोगों का वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति द्वारा उपचार

संपर्क –
डॉ हलधर पटेल
संतोषी नगर, रिंग रोड न.1 रायपुर
9098472777

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