Open/Close Menu Dr. Haldhar Patel | Anmol Health Care


मिर्गी एक ऐसा रोग है। जिसमें व्यक्ति अचानक जमीन पर गिर कर प्रायः अर्द्ध मुर्छित अवस्था मे रहता है। रोगी को इसका पूर्वाभास भी नहीं होता कि उसे मिरगी का दौरा पड़ने वाला है


किसी कारण वश यदि मस्तिष्क में विकार उत्पन्न हो जाये जैसे चोट लग जाने के पश्चात, संक्रमण की वजह से, या किसी रोग विशेष के कारण तो मस्तिष्क से प्रसारित होने वाले सन्देश गड़बड़ा जाते है

इसकी वजह से मांस पेशियों की गतिविधियों में विकार उत्पन्न हो । मांस पेशियां झटके देने लगती है , ऐंठ जाती है या मरोड़ खाने लगती है । इसे “कंनवलशन” के नाम से जाना जाता है । इसे ही मिर्गी का दौरा पड़ना कहा जाता है


इसमें रोगी हाफ्ता है, मुँह से झाग उगलता है, उसकी आँखें फ़टी फ़टी सी और पलके स्थिर हो जाती है तथा गर्दन अकड़कर टेढी हो जाती है, रोगी हाथ पैर पटकता है, उसके दाँत भींच जाते है और मुट्ठीयां कस जाती है, वह अजीब सी आवाज करने लगता है

दौरे के समय रोगी को सांस लेने में भी कष्ठ होता है । मिर्गी का दौरा जन्म लेने के बाद किसी भी उम्र में पड़ सकता है । स्कुल जाने वाले उम्र के हर 200 में से एक बच्चे को मिर्गी का दौरा पड़ता है । इनमे से 10% को गम्भीर दौरे पड़ते है । 60 फीसदी मामलों में कोई प्रत्यक्ष कारण सामने नहीं आता

मिर्गी के कारण :-

मिर्गी के दौरे मुख्यतः दिमागी कमजोरी के कारण आते हैं । यह कमजोरी अनुवांशिक या किसी अन्य कारण से भी हो सकती है। मिर्गी के दौरे पड़ने के कुछ अहम कारण निम्न हैं


1 यह रोग सामान्यतः मस्तिष्क की कमजोरी के कारण होता है


2 मस्तिष्क में रक्त स्त्राव होना या खून का थक्का जम जाने के कारण भी मिर्गी के दौरे आते हैं


3 सिर में चोट लगने या मस्तिष्क संक्रमण के कारण


4 गर्भावस्था की जटिलताओं की वजह से माता को गर्भावस्था में हुए दिमागी संक्रमण


5 दिमाग मे कोई गाठ


6 दिमागी बुखार


7 दिमाग मे किसी वजह से सूजन या विषैले पदार्थ का दिमाग मे पहुँचना


8 अत्यधिक तेज बुखार


9 निम्न रक्त चाप के कारण भी मिर्गी की बीमारी हो सकती है



उपचार

हर्बल मेडिसिन “EPILEPSY KIT” के द्वारा मिर्गी को जड़ से ठीक किया जा सकता है।

जटिल एवं आसाध्य रोगों का वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति द्वारा आसान समाधान

सम्पर्क:-

अनमोल हेल्थ केयर
डॉ हलधर पटेल
9098472777




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