Open/Close Menu Dr. Haldhar Patel | Anmol Health Care

कुष्ठ रोग

कुष्ठ रोग जीवाणुओं के कारण होने वाली एक दीर्घकालीक बीमारी है । यह मुख्य रूप से मानव त्वचा , ऊपरी श्वसन पथ की श्लेष्मिका , परिधीय तंत्रिकाओं , आँखों और शरीर के कुछ अन्य क्षेत्रों को प्रभावित करती है। यदि कुष्ठ रोग का उचित समय पर उपचार न किया जाए तो यह रोग बढ़ सकता है जिससे त्वचा, नसों , हाथ पैरों और आँखों मे स्थायी क्षति हो सकती है।


कुष्ठ रोग के प्रकार :- कुष्ठ रोग सामान्यतः 3 प्रकार का होता है जो निम्न है
1 तंत्रिका कुष्ठ :-
2 ग्रन्थि कुष्ठ :-
3 मिश्रित कुष्ठ :-

कुष्ठ रोग एक वैश्विक समस्या :- 1995 में विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार कुष्ठ रोग के कारण स्थायी रूप से विकलांग हो चुके व्यक्तियों की संख्या 2 से 3 मिलियन के बीच थी। पिछले 20 वर्षों में पूरे विश्व मे 15 मिलियन लोगों को कुष्ठ रोग से मुक्त किया जा चुका है । कुष्ठ रोग और इसके पीड़ितों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विश्व कुष्ठ रोग दिवस की स्थापना की गयी।


कुष्ठ रोग के लक्षण :-

1 चेहरे पर , नितंबो पर , शरीर के अन्य हिस्सों की दूसरी ओर बहुत सारे , नरम एवं जिनकी परिभाषा न बताई जाए ऐसे लाल व स्पर्शक्षम या स्पर्शहीन धब्बे हो जाना।


2 त्वचा के रंग तथा गठान में परिवर्तन दिखाई देना ।


3 त्वचा पर एक रंगहीन दाग जो थोड़ा या पूरी तरह स्पर्शहीन हो या उस दाग पर किसी चुभन का अनुभव नहीं होना।


4 समान्यतः त्वचा पर पाए जाने वाले पिले या ताम्र रंग के धब्बे जो सुन्न हों।


5 हाथ और पैरों का सुन्न हो जाना।

उपचार :- हर्बल मेडिसिन के द्वारा कुष्ठ रोग को ठीक किया जा सकता है।


जटिल एवं आसाध्य रोगों का वैकल्पिक चिकित्सा द्वारा आसान समाधान

सम्पर्क :- “अनमोल हेल्थ केयर छत्तीसगढ़ “

“डॉक्टर हलधर पटेल”
9098472777

“अपने संपर्क में जरूर साझा करें धन्यवाद।”

Write a comment:

*

Your email address will not be published.

For emergency cases        +91-9098472777