Open/Close Menu Dr. Haldhar Patel | Anmol Health Care

गठिया/ वात

गठिया या वात रोग एक सामान्य रोग है। जिसमें रोगी के एक या कई जोडों में दर्द , अकड़न , या सूजन आ जाती है। इस रोग में जोड़ो में गांठे बन जाती है और चुभन जैसी तेज पीड़ा होती है । यह रोग रक्त में यरिक एसिड का स्तर बढ़ने से होता है। जिसका मुख्य कारण यरिक एसिड अपचयन से है।

गठिया क्या है ? *जोड़ हड्डियों से बने होते हैं जो कैप्सूल यानी संपुट में होते हैं। इस कैप्सूल के उत्तक एक प्रकार का चिकना द्रव्य बनाते हैं। जिसे“सायनोवियल फ्लूड” कहा जाता है। इसी फ्लूड की सहायता से उंगलियों के जोड़ आसानी से काम करते हैं। इसी द्रव्य पर कैप्सूल के अंदर के उत्तक भी निर्भर करते हैं। गठिया की समस्या उस समय पैदा होती है। जब शरीर बहुत ज्यादा यूरिक एसिड बनाने लगता है और उसके कण कैप्सूल के अंदर पहुचने लगते हैं।

कैसे फैलता है गठिया ?

गठिया की शुरुआत सबसे पहले पंजो से होती है। अधिकांश रोगियों में पैर के अंगूठे के जोड़ का तखलिफ़ होती है। तब इसे “पोडोगा” भी कहते हैं। कुछ समय के बाद इसके कण शरीर के दूसरे जोड़ो तक फैल जाते हैं और यही दर्द बढ़ता हुआ कोहनी ,घुटने , हाथो की उंगलियों के जोड़ो और ऊत्तकों तक पहुचता है।

गठिया के लक्षण :- जोड़ो में रात को अचानक बहुत तेज दर्द होता है और सूजन आ जाती है , जोड़ो लाल और गर्म महसूस होती है , साथ में बुखार भी हो सकती है , गठिया 75% वंशानुगत होती है और यह ज्यादातर पुरुषों में पाया जाता है।
गठिया के रोगियों को रक्त चाप , डायबिटीज , मेटाबोलिक सिंड्रोम , किडनी रोग , और ह्दय रोग का खतरा अधिक रहता है। यदि उपचार नहीं किया जाए तो यह धीरे धीरे दीर्घकालीन और स्थाई रोग बन जाता है।
जोड़ो की सतह क्षतिग्रस्त होने लगती है। अक्षमता और अपंगता बढ़ जाती है। साथ ही शरीर में कई जगह जैसे कान , कोहनी आदि में यरिक एसिड जमा होने से दर्दहीन गाठे बन जाती हैं। यदि गुर्दे में पथरी बन जाये तो स्थिति और जटिल हो जाती है। ऐसे में किडनी खराब होने का खतरा बढ़ जाता है।

गठिया के लक्षण :-

1 कभी कभी पैरो , सिर, टखने , घुटनो , जांघ , और जोड़ो में दर्द के साथ साथ सूजन आना।

2 कभी कभी बुखार की शिकायत।

3 किसी अंग का शून्य हो जाना।

4 खाया भोजन न पचना।

5 जोडों को छूने तथा हिलाने में असहनीय दर्द होना।

6 शरीर में खून की हो जाना आदि गठिया के मुख्य लक्षण हैं।

7 शरीर में भारीपन।

गठिया के कारण

गठिया रोग को जीवन शैली से जुड़ा रोग माना जाता है अधिकांश मामलों में इसके मुख्य कारण निम्न हैं –

1 गठिया का जीवन शैली :-
1 12%रोगियों में गठिया का मुख्य कारण आहार को माना गया है। शराब , ग्लूकोज़ युक्त पेय , मांस , मछली के सेवन से गठिया का जोखिम बढ़ता है।

2 चयापचय में आई खराबी ।

3 मोटापा।

कई रोग भी ऐसे होते हैं जिनकी वजह से गठिया रोग हो जाता है । यह रोग निम्न है-

1 गुर्दे की बीमारी।

2 मेटाबोलिक सिन्ड्रोम।

3 पालिसायथिमिया।

4 लेड पॉयजनिंग।

5 हिमोलिटिक एनीमिया।

6 सोरायसिस और अंग प्रतिस्थापन।

7 मूत्र वर्धक दवाइयां का सेवन करने से भी गठिया हो सकता है।

8 नायसिन , एसप्रिन, साइक्लोस्पोरिन और टेकरोलिम्स आदि दवाइयां भी गठिया रोग का कारण बन सकती है।

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