Open/Close Menu Dr. Haldhar Patel | Anmol Health Care

जिगर में सूजन( हेपिटाइटिस) लिवर में सूजन जब लिवर में रक्त संचार होने से यकृत सूजन हो जाती है शुरू हो जाती है यदि रक्त अधिक कम न किया जाए जाता है तब यकृत में शोध या सूजन हो जाती है,.

कारण — . अधिक मास तथा तीव्र मसालेदार भोजन का प्रयोग, करना मदिरापान ,मलेरिया की दवाई, या संक्रमण बुखार, विश यकृत में फैल जाना, लगातार की पेचिश ,या कब्ज ,व्यायाम न करना ,महिलाओं में मासिक धर्म की अनियमितता ,यकृत में चोट लगना , पित्त की खराबी से , उत्पन्न पथरी, का लीवर में चुभकर घाव कर देना , उपदंश आदि कारणों से यकृत में सूजन हो जाती है.

लक्षण—- इस प्रकार का रोग 25 से 30 की आयु से लेकर 45 से 50 वर्षा की व्यक्तियों को अधिक होती है इसमें यदि लिवर सूजन हो हो तो पसलियों के नीचे दाहिनी और तेज दर्द होती है लीवर पर सूजन साफ दिखाई देता है और रोगी करवट बदलने में असमर्थ हो जाता है दाहिने कंधे में सांस लेने लेने में कठिनाई हिचकी से तंग आ, जाना भूख मर जाना ,कब्जे रहना, कभी-कभी दस्त होना , नेत्रों से लेकर पूरे शरीर पर पीलापन होना , कावर सी स्थिति हो जाती है .

परिणाम —यह रोग अत्यंत पीड़ा दायक होती है अधिक समय तक यदि प्रभाव रहता है तो रोगी में खून कमी हो जाती है और बहुत कमजोर हो जाती है जिसके कारण कई तरह की परेशानी और शुरू हो जाती है . और बाद में पीलिया हो जाती है जिससे जिसे आदमी मर भी सकती है

परहेज — ज्यादा तेल , मसाला, मैदा चीज नहीं खानी चाहिए..

चिकित्सा ..
– इसका हर्बल मेडिसिन से बहुत ही अच्छे ढंग से उपचार की जाती है और पूरी तरह स्वस्थ हो जाती है .

डॉ डी के साहू..
धर्मार्थ सूरज क्लिनिक एं कर्मा इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा खमतराई रायपुर

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