Open/Close Menu Dr. Haldhar Patel | Anmol Health Care

. परिचय—–. इसमें पेशाब करने से पहले रक्त मिला हुआ होता है रोगी पेशाब करते समय जोर लगाता है कभी-कभी बिना दर्द जलन के भी मूत्र में रक्त आ जाया करता करता है .

कारण ——पेशाब में रक्त आना अधिकतर किडनी इंफेक्शन मूत्राशय में पथरी का चुभना , किडनी में चोट लगना या लिंग मुंड पर चोट, लगना , सुजाक विश, मसाले की गर्मी से स्कर्वी ,चेचक संक्रमण ,रोग बवासीर, का रक्त रोकने से आदि लेकिन कभी-कभी स्त्रियों में मासिक धर्म बंद होने से भी मूत्र में रक्त आ जाता है तब रोगी को कंपन होती है और पेशाब थोड़ा ही आया करता है लेकिन यदि किडनी में पथरी का कारण होता है तब मूत्र में रक्त जमा हुआ कल छुवा रंग का हुआ तीव्र वेदना के साथ रक्त मूत्र में आता है जिसके कारण रोगी को दुर्बलता ,दिल घबराना ,रक्त की कमी ,दर्द ,आदि लक्षण होते हैं .

परहेज ..—– तेज खट्टे, गरिष्ठ भोजन ,से बचाना चाहिए , भागदौड़ ,साइकिलिंग सवार, अधिक मेहनत से बिल्कुल ही परहेज करना चाहिए, … साथ ही साथ रोगी को विटामिन सी विटामिन के वाले ,साग भाजी खिलावे ,अंडे का पानी, अनार आदि पौष्टिक आहार देनी चाहिए …

परिणाम—— रोगी यदि रोग साधारण होता है तब तो खून की कमी आती ही है लेकिन रोगज्यादा बढ़ने पर पर मृत्यु भी हो सकती है .. ..

चिकित्सा .——— हर्बल मेडिसिन इलेक्ट्रोहोम्यो पैथी के द्वारा इसका उपचार करने से किया जा सकता है

. डॉ डी के साहू .
धर्मार्थ सूरज क्लिनिक &कर्मा इलेक्ट्रो होम्योपैथी चिकित्सा खमतराई रायपुर.

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