Open/Close Menu Dr. Haldhar Patel | Anmol Health Care

Electrohomeopathy में dilution का उपयोग पोजेटिव रोगों के लिए निगेटिव डायलुशन, और निगेटिव रोगों के लिए पोजेटिव डायलुशन, का उपयोग किया जाता है


यह डायलुशन डेसिबल मेथोड़ में 1:9 अनुपात में और सेंटिमाल मेथोड में 1:47 अनुपात में मिक्स (50 बार स्ट्रोक )कर बनाया जाता है।

इसमे हम सबसे पहले एसेंस को लेकर 1:9 अनुपात में मिक्स (50 बार स्ट्रोक )करके प्रथम डायलुशन बनाया जाता है

फिर प्रथम डायलुशन का 1 अनुपात लेकर 9 अनुपात डिसटिल वाटर या आर. एस. मिलाकर 50 बार स्ट्रोक देकर सेकंड डायलुशन बनाया जाता है,

फिर सेकंड डायलुशन का 1 अनुपात लेकर फिर 9 अनुपात में डिसटिल वाटर या आर. एस. मिलाकर फिर 50 स्ट्रोक लगते है तो हमारा तीसरा डायलुशन तैयार हो जाता है इसके बाद हम इसी अनुपात में क्रमसः आगे बढ़ते जाते है और आगे का डायलुशन बनाते जाते है

सेन्थिमल मेथोड में डायलुशन बनाने के लिए तीसरे डायलुशन का 1 अनुपात लेकर उसमें 47 अनुपात में डिसटिल वाटर या आर. एस. मिलाकर प्रथम डायलुशन बनाते है और इसी क्रम में आगे बढ़ते जाते है। डेसिबल मेथोड में D3 pogetive, D4 neutral और D3 से negative आरंभ हो जाता है

सेन्थिमल मेथोड में 1st dilution positive, 2nd dilution neutral और 3rd dilution से negative आरम्भ हो जाता है ।

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