Open/Close Menu Dr. Haldhar Patel | Anmol Health Care

गैस्टोएंटेराइटिस एक आम विकार है। जिसे पेट के प्लू के रूप में भी जाना जाता है। छोटे बच्चों में गैस्टोएंटेराइटिस ज्यादा होता है। इसके लक्षण में दस्त उल्टी आदि है।माइक्रोओर्गनिस्म के अटैक इसके मुख्य कारण में से एक है। गैस्टोएंटेराइटिस शरीर की इम्युनिटी को प्रभावित करता है। यह बुखार पैदा करने में भी सक्षम है। बच्चों में इससे सुस्ती और पेट दर्द के साथ काले और पानी वाला मल आदि की समस्या होती है।



गैस्टोएंटेराइटिस शरीर को कैसे प्रभावित करती है :- गैस्टोएंटेराइटिस का कारण बनने वाले संक्रमण पेट और आंत की लाइनिंग वाले सेल्स पर अटैक करके उन्हें नुकसान पहुंचाते है जिससे तरल पदार्थ का बहाव होता है। इससे दस्त और उल्टी होती है और बाद में डिहाइड्रेशन हो जाता है।डिहाइड्रेशन शरीर में पानी की कमी और कमजोरी का और बार-बार पेशाब आने का कारण बनता है।



कारण :-

गैस्टोएंटेराइटिस के कारण में संक्रमण शामिल होते है। अन्य स्रोत में दूषित भोजन या पानी के संपर्क में आना, अस्वस्थ व्यवहार से भी गैस्टोएंटेराइटिस भी हो सकता है।



कारक :-



1 उम्र :- शिशुओं और छोटे बच्चों को उनकी इम्मेच्योर इम्यून सिस्टम के कारण खतरा बढ़ जाता है और कमजोर इम्यून सिस्टम के कारण बुजुर्गो में इसका खतरा बढ़ जाता है।

2 एचआईवी या एड्स या कैंसर जैसी बीमारी या इसके उपचार(जैसी कीमोथेरेपी) के कारण कमजोर हो चुके इम्यून सिस्टम वाले रोगियो में इसका खतरा होता है।

3 जो लोग भीड़ भाड़ वाले इलाकों में रहते हैं।

4 यात्रा (विशेषकर उन जगहों में जहाँ पानी और भोजन दूषित हो सकता है।)

5 सर्दियों में गैस्टोएंटेराइटिस होने का खतरा अधिक होता है।



लक्षण :-



1 मुंह मे ओरल केविटी का डीहाईड्रेशन और सुखापन इसमें शामिल है। पानी की कमी प्यास लगने का कारण भी बन सकता है।

2 लगातार दस्त होना भी इसका लक्षण है।

3 रोगी को हल्का बुखार भी हो सकता है गैस्टोएंटेराइटिस के कारण यह सुस्ती पैदा करने में भी सक्षम है



रोकथाम के उपाय :-



1 साफ रहे, अपने हाथ को अच्छी तरह धोएं, अच्छी तरह पचने वाला भोजन करें।

2 स्ट्रीट फूड और गंदगी के स्रोत से बचे।

3 फूड पॉइजनिंग से हर कीमत पर बचना चाहिए


जटिल एवं आसाध्य रोगों का वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति द्वारा उपचार


अनमोल हेल्थ केयर
डॉ हलधर पटेल एवं समूह
9098472777

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